"Everything good, everything magical happens between the months of June and August." JENNY HAN
"जून और अगस्त के महीनों के बीच सब कुछ अच्छा, सब कुछ जादुई होता है।" जेनी हान
"The summer looks out from her brazen tower throught the flashing bars of july." Francis Thompson
"ग्रीष्मकाल अपने बेशर्म टॉवर से जुलाई की चमकती सलाखों के माध्यम से बाहर दिखता है।" फ्रांसिस थॉम्पसन
यहाँ दो क्वोट के जरिए में आपके दिमाग में जुलाई मास की थोडी चुलबुली बातें रखता हूँ। ये जादूई महिना है येसा "जेनी हान" कहते हैं। दूसरी तरफ जुलाई की चमक और ग्रीष्म की बेशर्मी का हटना "फ्रांसिस थॉम्पसन" को अच्छा लगता हैं। अब देखें थोड़ी जुलाई की पूर्वापर बातें..!
जूलियन और ग्रेगोरियन कैलेंडर में जुलाई वर्ष का सातवां महीना ( जून और अगस्त के बीच ) है। और सातवां महीना 31 दिनों की लंबाई वाला होता है। इसका नाम रोमन सीनेट द्वारा रोमन जनरल जूलियस सीज़र के सम्मान में रखा गया था, यह उनके जन्म का महीना था। इससे पहले, इसे क्विंटिलिस कहा जाता था।
यह अधिकांश उत्तरी गोलार्ध में औसतन सबसे गर्म महीना होता हैं। जहाँ यह गर्मियों का दूसरा महीना होता है। और दक्षिणी गोलार्ध में सबसे ठंडा महीना होता है। जहाँ यह सर्दियों का दूसरा महीना होता है। वर्ष की दूसरी छमाही जुलाई में शुरू होती है। दक्षिणी गोलार्ध में, जुलाई उत्तरी गोलार्ध में जनवरी के बराबर मौसमी है। ( संदर्भ विकिपीडिया साभार )
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह से प्रारंभ होने वाले वर्ष का चौथा महीना 'आषाढ' हैं। जो ईस्वी कलेंडर के जून या जुलाई माह में पड़ता है। इसे वर्षा ऋतु का महीना भी कहा जाता है। इस समय भारत में काफ़ी वर्षा होती है। हमें इस महीने में काफी गर्मी झेलने के बाद कुछ राहत मिलती है। इस मास मै हिन्दू मान्यतायो के अनुसार सभी देवी देवतायें विश्राम के लिये जाते हैं। इस महीने में सभी तरफ हरियाली छा जाती है। एवम जमीन के नीचे दबे जीव जंतु सब बाहर निकल आते है। धरती का संपूर्ण बदलाव इस ऋतु में बेशुमार दिखाई पडता हैं।
आषाढ बेशुमार हैं। आषाढ बेमिसाल हैं। आषाढ बेहिसाब रोमांच का महिना हैं। झङ-चेतन सभी के मन में अलौकिक उत्साह का छा जाना ये बडी दिलचस्प घटना हैं। ये तृप्ति का भी महिना हैं। ये अंकुरित होने का महिना हैं। ये हरियाली का महिना हैं। ये हवा को भी भारी करनेवाला महिना हैं। साथ ही आषाढ ईन्सान के ईमोशन्स को झकझोर ने वाला भी हैं। संस्कृत साहित्य के महाकवि कालिदास का 'मेघदूत' एक अद्भुत ऋतुकाव्य हैं। इसमें यक्ष बादलों से बातें करता है। अपनी प्रेमिका तक संदेश पहुंचाने के लिए जो आषाढ के बादलों से बिनती करता हैं। कुदरत की आमूल परिवर्तनी में यक्ष अपनी प्रियतमा से दूर नहीं रह सकता। विरह से उसकी पीडा बढ़ जाती हैं। वो तडप उठता हैं। लेकिन आषाढ के बादलों से बातें करके उसको सुकुन भी मिलता हैं। आषाढ सुकुन का द्योतक हैं। ये उद्भव है, निर्माण भी हैं।
जुलाई के महिने में जन्में सभी को बधाई। इत्तेफ़ाक से मैं भी जुलाई में ही पैदा हुआ हूँ। नव निर्मिति के माहौल में नए संकल्प से झुडे और सत्व के प्रति झुके इसी कामना में सबका मंगल प्रार्थी..!
झुकने से ही झुडाव महसूस होता हैं। अंबर का धरती के लिए झुकाव..ये झुडाव का उत्कृष्ठ उदाहरण हैं।
आपका ThoughtBird 🐣
Dr.Brijeshkumar Chandrarav.
Gandhinagar, Gujarat.
INDIA.
dr.brij59@gmail.com
+919428312234
Very nice
ReplyDeleteWaah
ReplyDeletevery good thought
ReplyDeletevichar ni khubaj sundar prastuti.
ReplyDeletekhubaj Anand thayo dr saheb
ReplyDeletegood presantesion of juiy
ReplyDeleteआषाढ बेशुमार हैं। आषाढ बेमिसाल हैं। आषाढ बेहिसाब रोमांच का महिना हैं....vahhhh
ReplyDeleteजुलाई के महिने में जन्में सभी को बधाई। इत्तेफ़ाक से मैं भी जुलाई में ही पैदा हुआ हूँ। Happy Birth Day.
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