Dr.Brieshkumar Chandrarav

Monday, March 31, 2025

FOCUS ON YOUR FUTURE..!
March 31, 2025 2 Comments
Rivers Never Go Reverse...So try to live like a river.Forget your past and FOCUS ON YOUR FUTURE..!A.P.J. Abdul Kalam. नदियाँ कभी उल्टी दिशा में नहीं बहती इसलिए नदी की तरह जीने की कोशिश करें। अपने अतीत को भूल जाएँ और अपने भविष्य पर ध्यान दें। कभी कभार शब्द भी विचलित करते हैं, विचारभी..! महान वैज्ञानिक और दार्शनिक डाॅ.अब्दुल कलाम जी की दमदार बात सुनकर अच्छा लगा। साथ ही थोडा अचंभित हूं कि कहीं पढा था; इतिहास हमारी धरोहर हैं। जो व्यक्ति अपना...
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Tuesday, March 25, 2025

The great फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की...!
March 25, 2025 7 Comments
"I have never betrayed you even in my thoughts." Dostoevsky. "मैंने कभी अपने विचारों में भी तुम्हें धोखा नहीं दिया।" The Idiot (1868-69) उपन्यास की बात ही कुछ ओर हैं। 'द रशियन मेसेंजर' जर्नल में 'द इडियट' की कहानी श्रेणीबद्ध प्रकाशित हुई थी। बड़ी ही लाजवाब कृति हैं। एक युवान राजकुमार अपनी सरलता- सहजता से मानो की खुले दिल से जीवन जीता हैं। उसकी निर्दोषता दुर्व्यवहार का सामना करती हैं। फिर भी दोस्तोयेव्स्की ने अपने पात्र को सकारात्मकता से...
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Monday, March 17, 2025

Joy of Victory.
March 17, 2025 10 Comments
"In a war of ego, the loser always wins" BUDDHA "अहंकार के युद्ध में हारने वाला हमेशा जीतता है।" - भगवान बुद्ध जीवन की कला बड़ी ही पेचीदी हैं। जन्म से लेकर के मृत्यु तक जीवन जीना और समझना ही चलता रहता हैं। रात-दिन के समय चक्र में जीना हैं। संसार सागर के खारेपन को पीना हैं। कहीं माँ गंगा की शीतलता धारा को महसूस करना हैं। कभी खुशी कभी गम की तरह जीवन बहता ही रहता हैं। सृष्टि के प्राकृतिक व सामाजिक पहलूओं के साथ जीवन का तालमेल करते जाना हैं।जन्म...
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Wednesday, March 5, 2025

STARTING THE CHANGES.
March 05, 2025 2 Comments
Falgun is glorious month of the nature. फाल्गुन प्रकृति का गौरवशाली महीना है।भारत प्राकृतिक वैविध्य के साथ मौसम के वैविध्य में भी अनूठा हैं। वैदिक परंपरा का वाहक भारत मनुष्य जीवन के नैसर्गिक जीवन को सहज ही विकसित करता हैं। ऋतुओं का बदलाव मनुष्य के मन-मस्तिष्क को सँवार ने का काम करता हैं। वैसे एक सत्वशील मौसम की बात करता हूं।फाल्गुन मास हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का अंतिम महीना है। वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है फाल्गुनमास..! इसे रंगों और खुशियों...
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Monday, February 24, 2025

अद्भुत महाकुंभ २०२५
February 24, 2025 6 Comments
शाश्वत परंपरा का संयोग...!भारत की सनातन हिन्दु धरोहर का साक्ष्य..! माँ गंगा का अप्रतिम दुलार का उत्सव...महाकुंभ। पंडित जगन्नाथ की उत्तम संस्कृत काव्य रचना 'गंगालहरी' के कुछ श्लोक पढ़ते हुए महाकुंभ की साक्ष्य अनुभूति करें...!पंडित जगन्नाथ सत्रहवीं सदी के एक प्रमुख भारतीय कवि, आलोचक व साहित्यशास्त्रकार एवं वैयाकरण थे। जगन्नाथ पंडित का जन्म एक तैलंग ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम पेरुभट्ट था। जगन्नाथ ने अपनी शिक्षा अपने विद्वान पिता से...
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Tuesday, February 4, 2025

Victory of Vasant..!
February 04, 2025 4 Comments
वसंत भारत की प्रसिद्ध छह ऋतुओं में से एक हैं। भारतीय वांग्मय के मनीषियों ने वसंत को ऋतुराज कहकर सम्मान दिया है। लेकिन महाकवि कालिदास की बात ही निराली हैं। महाकवि से प्रसिद्ध कालिदास प्रकृति वर्णन के संवेदनशील कवि थे। प्रकृति की वस्तुतः प्रस्तुति को हम 'छायावाद' से जानते हैं। छाया प्रकृति की आत्मा होती हैं। कालिदासजी 'छायावाद' के महारथी थे।महाकवि की लगभग सभी कृतिय़ों में वसंत का अद्भुत वर्णन देखने को मिलता हैं। वसंत में प्रकृति की रमणीयता खिल उठती...
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Tuesday, January 28, 2025

If a human being stays focused the universe..!
January 28, 2025 7 Comments
"मैं चाहता हूँ कि आप किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करें, चाहे वह कोई भी चीज़ हो, क्योंकि अगर कोई इंसान ध्यान केंद्रित रखता है, तो ब्रह्मांड उसे स्वीकार कर लेता है।" ● सद्गुरु ध्यान एक क्रिया हैं। जीवन की अद्भुत क्रिया हैं। ध्यान के दो पहलू हैं। ध्यान का लगना और ध्यान का भटकना। दोनों की संभवना बराबर हैं। वैसे तो भटका हुआ ध्यान भी कहीं तो लगता ही हैं। इसलिए हम ये भी नहीं कह सकते। आज इस ध्यान को एक ही पहलू से समझे। ध्यान लगना एक सहज और स्वाभाविक घटना...
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FOCUS ON YOUR FUTURE..!

Rivers Never Go Reverse... So try to live like a river. Forget your past and FOCUS ON YOUR FUTURE..! A.P.J. Abdul Kalam.  नदियाँ कभी उल्टी ...

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