November 2025 - Dr.Brieshkumar Chandrarav

Wednesday, November 26, 2025

Experience is a personal living process.
November 26, 2025 5 Comments

अनुभव व्यक्तिगत जीवन की एक जिवंत प्रक्रिया है।
यह अपने खुद की होनी चाहिए..!


मनुष्य जीवन की दृश्यमान आकृति शरीर हैं। लेकिन शरीर की विकसित अविकसित मानसिक अवस्था का विचार करे तो कईं बातों पर उलझने पैदा होगी। मनुष्य जीवन संवेगो से भरा हैं, विचार से भरा है। व्यक्तिगत रुप से जो कुछ वो समझता हैं, स्वीकार करता है, उसके उपर जीवन की पहचान निर्भर करती हैं। जीवन विकास के कईं पहलू में से आज इस ब्लोग में अनुभव की बात करता हूं।

अनुभव का अर्थ ही जीना हैं। सुबह होते ही जागने से सोने तक की एक दिन की जीवन प्रक्रिया में कितने कुछ अनुभव से हम गुजरते हैं। कईं अनुभव बारबार होते हैं। तो कईं अनुभव एकबार ही होते हैं। कभी कभार दैनंदिन अनुभव के मुकाबले एक बार हुए अनुभव जीवन को सही दिशा देने के लिए सक्षम होते हैं। अंधेरो से लडना पडता हैं, या अनजान जगह पर पहुंच जाना, जंगल में प्राणीओं का डर, ऐसी कईं परिस्थितियाँ एकदम से आती हैं। शायद अपने खुद की मर्ज़ी से भी..! शारीरिक आवेग भी हमें अलग ही अनुभव करवाते हैं। जैसे, भूख-तृषा, खाना-पीना, गिरना-उठना, चलना-दौड़ना कितने अनुभव की गिनती करुं !? आप भी इनमें कईं अनुभव को जोड़ सकते हैं। इसे हम क्रियात्मक अनुभव कह सकते हैं।



दूसरा होता हैं आत्मिक अनुभव। उसका भी अपना वैविध्य हैं ; दुःख-पीड़ा, हँसी-खुशी, समझना-स्वीकारना, महसूस करना या सोचना। ऐसे अनेक अनुभव से खुद ही पसार होना होता हैं। इसे ज्यादातर वैयक्तिक रुप से एकांत में महसूस किए जाते हैं। इसलिए इनको हम आत्मिक अनुभव भी कह सकते हैं। दूसरों के अनुभव को हम पढ़ सकते हैं, देख सकते हैं उनके बारें में सुनकर प्रेरित भी हो सकते हैं। फिर भी अपना अनुभव अपना होता हैं। उससे जो ज्ञान या शीख मिलेगी वही बेहतरीन होती हैं। हर इन्सान का अपना 'अनुभव जगत' होता हैं। जितना उसमें वैविध्य होगा उतना शानदार घटित होना तय हैं। किसी व्यक्ति के जीवन की समझ और उनके विचारों की ऊंचाई से हम प्रभावित होते हैं। इनमें उस व्यक्ति की अनुभव क्षमता की विशालता कारणभूत हैं। हां, ऐेसे विराट चरित्रों से सीखना चाहिए, उसका अनुसरण भी करना ठीक हैं। फिर भी अपने भीतर के अनुभवों को समझना ज्यादा बेहतर होगा।

अपना अनुभव प्रमाण हैं। दूसरों का अनुभव प्रेरणा हैं। हम इन दो स्थितियों को बारीकी से समझने का प्रयास करें, तो आगे काफ़ी कुछ समस्याएं खत्म हो सकती हैं। जीवन अपने मुकाम के लिए तैयार रहेगा। जीवन प्रमाणभूत अवसरों के लिए सक्षम बनता जायेगा। जीवन अपनी खुद की पहचान के लिए परिश्रमित होता चला जायेगा। अपनी नजर केवल नजर नहीं बनी रहेगी, उससे ऊपर उठकर उच्चतम दृष्टि का रुप धारण करेगी। सृष्टि के सभी मनुष्य जीवन की उत्कृष्टता अपने खुद के 'अनुभव जगत' को बयां करती हैं। सबकी 'शक्ति और संभावना' में समानता हैं। लेकिन घटित हो रही घटनाएं भिन्न भिन्न होती हैं। बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक इन्सान अच्छे बुरे अनुभवों से गुजरता रहता हैं। उससे कोई सीखता हैं और कोई ऊंची उड़ान,  शानदार उडान भरता हैं। कोई विचित्रताओं का स्वीकार करते हुए खुद को समस्याओं से घिरता चला जाता हैं।

जीवन में एक बात हमेशा याद रहनी चाहिए की अनुभव उधार नहीं मिलते। वो खुद के होने चाहिए। हमें भूख लगी है, और दूसरा खाएगा तो भूख शांत नहीं हो सकती। मैं बैठा रहूं और कोई दूसरा आकर मुझे ज्ञानवान, धनवान या कुछ ओर...बना दे, इस बात में कुछ खास नहीं हैं। अपने खुद पर विश्वास करके अपने खुद के 'अनुभव जगत' को महसूस करते रहना हैं।

आपका Thoughtbird 🐣
Dr.Brijeshkumar Chandrarav
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Tuesday, November 18, 2025

Flow of our life..!
November 18, 2025 5 Comments


With love in our heart, we flow gracefully through life.

Harold W. Becker.

"अपने दिल में प्यार लिए हम जीवन में शान से बहते हैं।"

Harold's collective works are available through The Love Foundation. Harold W. Becker has dedicated his life to living and sharing the practical application of unconditional love. Since 1990, his consulting company Internal Insights, has its focus to “empower people through self awareness and unconditional love."

हमारे जीवन का एक प्रवाह होना चाहिए। जीवन बहते रहता हैं। जन्म से शुरु हुई यात्रा की यहीं गति होती हैं। प्रकृति के सान्निध्य में जीव- जगत का बहते रहेना तय हैं। इसे हम प्राकृतिक सिद्धांत कहे तो भी गलत नहीं हैं। मगर उनमें कुछ न कुछ फ़र्क जरुर होता हैं। ये फ़र्क वाली बात को गहराई से समझ ने का प्रयास करते हैं। जीवन को शानदार तरीके से जीना है तो दिल में प्यार का गीत होना चाहिए। प्यार जीवन का संगीत हैं। जीवन के अनूठे रंग भी होते हैं। जीवन में प्रकृति के सबरंग-सभी स्वर एकरुपता से भरे हो तो कुछ शानदार घटित हो सकता हैं।


सृष्टि में विविधता हैं लेकिन ये एकरूप हो जाती है तो ही सुंदर लगती हैं। यहां केवल हम फूलों की बात करें। सृष्टी में अनेक प्रकार के फ़ूल हैं, खुशबु से और रंगरुप से अलग हैं। लेकिन जब एक बागान में वैविध्य घुलमिल जाता हैं, तब जो दृश्य घटित होता है, वो कितना सुंदर होता हैं ! मानो, खुशबु और रंगो का मेला लग गया हो। हम फुरसत में बागान में जाना पसंद करते हैं। या फिर थोड़े बहुत परेशान है तो वहाँ जाकर सूकून ढूंढने का प्रयास करते हैं। इसमें कोई फिलसूफी वाली बात ही नहीं हैं। फिर भी मनुष्य जीवन को आनंद पूर्वक जीने की समझ इन्हीं में से प्रगट होती हैं।

मनुष्य की वैविध्यता...रूप ओर रंग, भाषा एवं भूषा, खानपान, रहन-सहन में कितने भेद हैं ! भौगोलिक स्थिति या पर्याप्त वातावरण में जीना हैं। जो मिल रहा है उसमें जीना हैं। ऐसे गुजर-बसर करती कईं जिंदगियों से संसार वैविध्यमान हैं। फूलों की विविधा में एक चीज कॉमन है रंग-सुगंध ! वैसे ही जीवन में एक चीज कॉमन है, प्यार-दुलार-प्रेम जो भी कहो...! प्रकृतिगत सीमा रेखा में जीना है, तो उनके मूलभूत तत्व को हम कैसे छोड सकते हैं ? जब उसे ही छोड दिया तो जीवन में क्या कुछ बाकी रहेगा ?

सुंदर जीवन की शानदार जीवन की पहचान प्रेम से हैं। प्रेम दे सकता हैं वही प्रेम पाता हैं। दिल में प्यार लेकर के चलना आसान भी नहीं हैं। अपने ममत्व को छोडना पड़ेगा, स्वार्थरहित होना पड़ेगा, खुद से पहले दूसरे का विचार करना होगा। शायद अपनी पसंद-नापसंद से नाता तोड़ना होगा। समर्पण शब्द से बढ़कर कृति बने तब प्यार होता हैं, यह छोटी-मोटी बात है ही नहीं। मैं तो समझता हूं की जैसे ईश्वर से मिलन, तपस्वी ही संभव बना सकते हैं। वैसा ही प्यार के बारें में भी हैं। प्रेम संबंध ईश्वर के जुड़ाव से कम नहीं है इसका कारण अब समझ में आ रहा हैं। बुद्धि से या हृदय से भी..!

प्रकृति में भी संतुलन बना रहे ये बिल्कुल जरुरी हैं। असंतुलन या अनबेलेन्स की स्थिति मूल वस्तु या विचार को क्षति पहुंचाती हैं। इससे अदृश्य ईश्वर की योजनाएं बिगड़ती हैं। चाहे, वो पर्यावरणीय प्रदूषण समस्या, मानव जीवन संदर्भित समस्या हो। ऐसा घटित होता है उसका निवारण करना असंभव हो जाता हैं। जीवन का संतुलन भी जरुरी हैं। जीवन की उच्चतम अवस्था ही सबको पसंद आती हैं। चाहे वो अपने जीवन की हो या दूसरे के जीवन की उच्चता हो। जीवन की बहतरीन अवस्था प्रेम हैं। जीवन का शानदार संतुलन प्रेम से भी संभव हो सकता हैं। यह भी प्रकृति का फ़रमान समझो।
 
प्रकृति की सारी दृश्यता या फिर भीतरी अवधारणा का यहीं संदेश हैं। 'जीवन और प्रकृति' में मैं बहुत बड़ी साम्यता देख पा रहा हूँ। इससे शायद कुछ सोच पा रहा हूं या फिर लिख पा रहा हूं। यहाँ इस छोटे-से ब्लॉग में अच्छे शब्द विचार घटित हुए हैं इनमें मेरी भूमिका केवल साक्षीभाव की समझेंगे, तो आनंद होगा। कुछ अच्छी बातों में समय व्यतित होता है, ये भी 'प्रेमावस्था' की अभिव्यक्ति का निमित्त हैं। कुछ अच्छे शब्द विचार के प्रगट का अवसर भी ऐसे घटित नहीं होता हैं। यहीं जीवन का मूल प्रवाह हैं। सद्गुरु जग्गी वासुदेव की सुंदर विचार पंक्तियां रखकर मेरी सोच को अनुमोदित भूमिका प्रदान करता हूं।"किसी भी चीज के प्रति अगर आप स्वेच्छा से रेस्पॉन्ड करते हैं, तो वह आपकी हो जाती है। यदि आप हर उस चीज के प्रति जागरूकतापूर्वक रेस्पॉन्ड करें जिसके संपर्क में आप आते हैं, तो पूरा ब्रहांड आपका हो जाता है।" ब्रह्मांड जो भी देगा वो शानदार होगा।

इन्हीं विचारो की संगत में...!

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Dr.Brijeshkumar Chandrarav
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Thursday, November 13, 2025

Who is Care about you..!
November 13, 2025 2 Comments

 People who notice your silence,

Care about you.

जो लोग आपके मौन पर ध्यान देते हैं, वे आपकी परवाह करते हैं।

एक गीत की कुछ पंक्तियां रखता हूं। इसके रचयिता जिम्मी डेविस थे।  जेम्स ह्यूस्टन 'जिम्मी' डेविस (1899 - 2000) पवित्र और लोकप्रिय  गीतो के गायक थे। डेविस का जन्म उत्तरी लुइसियाना के बीच स्प्रिंग्स के शहर में हुआ था। वो अपने गृह राज्य लुइसियाना, अमेरिका के गवर्नर के रूप में दो बार लगातार चयनित भी हुए थे। डेविस राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय देशी संगीत और 'गॉस्पेल' गायक थे। "गॉस्पेल" का हिंदी में अर्थ "सुसमाचार" या जिसका एक ओर मतलब 'शुभ समाचार' भी होता है। कभी-कभी वो रिकॉर्डिंग करके भी प्रदर्शित करते थे। उनका परिवार इतना गरीब था कि उनके पास नौ साल की उम्र तक सोने के लिए बिस्तर भी नहीं था। फिर भी 'जिम्मी' ने अपने जीवन में उत्साह को बरकरार रखा था।


चलो, ऐसे उत्साही को पढ़े। आप निरुत्साहित हैं, अकेला महसूस कर रहे हैं, तो उम्मीद है कि इस गीत के शब्द आपको याद दिलाएगा कि आप वास्तव में अकेले नहीं हैं। कोई तो आपको देख रहा हैं, सुन रहा हैं। अदृश्य होकर भी कोई आपका ख्याल रख रहा हैं।

जब आपकी निराशाएँ आती हैं,
और आप बहुत उदासी महसूस करते हैं,
कोई है जो आपकी परवाह करता है,
और जब आपको एक दोस्त की ज़रूरत हो तब
एक ऐसा दोस्त जो अंत तक रहे, 
कोई तो है जो आपका मित्र है। 
कोई परवाह करने वाला, कोई साझा करने वाला, 
आपकी सभी परेशानियाँ ऐसी हैं, जैसे कोई और नहीं कर सकता।
वह आसमान से नीचे आएगा, तुम्हारी आँखों से आँसू पोंछेगा, 
आप उसके बच्चे हैं और वह आपकी परवाह करता है।
इस गीत को बैरी कॉफ़मैन द्वारा पोस्ट किया गया है। उनका धन्यवाद प्रकट करते हुए आभार।

जीवन सहयोग से, साथ से, परवाह से अच्छी तरह गुजरता हैं। जीवन का ये सबसे अच्छा पड़ाव हैं। पीड़ा और परेशानियाँ से मुक्त करनेवाला सबसे अच्छा औषध परवाह हैं। यहां कौन किसकी परवाह करता हैं ? इसके उत्तर में जो चेहरे सामने आयेंगे वो हमारे जीवन के आधार हैं। इसके कारण ही जीने में कुछ आनंद के पल आते रहते हैं।
आप कैसे हो ?
How are you doing ?
आप ठीक हैं ना ?

ऐेसे कुछ सवालों के जवाब देने से पहेले खुशी छा जाती हैं। और हँसकर हम "मैं ठीक हूँ...अच्छा हूं..!" जैसे उत्तर देते हैं। आज यह पूछनेवाले लोगों में कमी आ रही हैं। हम क्यों किसीको पूछे ? इससे क्या होगा ? जैसी मानसिकता कायम हो रही हैं। या फिर यह पूछने का किसीके पास समय नहीं हैं। उलझने बढ़ी है, जीवन किसी ओर जा रहा हैं। अक्सर हम खुशी ही ढूँढते रहते हैं। मगर इस छोटे-से सवाल में खुशी छिपी है, ये हम भूल गये हैं।

मनुष्य जीवन में शायद अब ये नया स्वभाव उभरकर आया हैं। सहज सवाल से कोई अच्छा महसूस करेगा, इस बात में पडना ठीक नही लग रहा हैं। वो आसमान से आयेगा, आंसु पोंछेगा ऐसी भावना मन में पाले बैठे हैं। लेकिन वो आसमान से आया हुआ इन्सान "मैं नहीं बन सकता क्या !?" इन बातो पर हमारी नज़र पड़नी चाहिए। इसका विचार करना हमें पसंद आयेगा तो ईश्वर भी खुश होंगे। ईश्वर के अदृश्य आशीर्वाद से इस निहाल हो जाएंगे। मेरा ब्लोग 'आनंद विश्व' यही सोच पर निर्भर करता हैं। अच्छी बातों का स्वीकार करते हुए....!

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Friday, November 7, 2025

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November 07, 20250 Comments

 આનંદમન બંધુ-ભગિની,

જીવનના એક ઉત્કૃષ્ટ પડાવે મારી વાત મૂકવાનો અવસર પ્રાપ્ત થયો છે. ધર્મ, સંસ્કૃતિ, આધ્યાત્મ, શિક્ષણ, અને સમાજસેવા સંદર્ભે વિચાર મૂકવાનો મેં આ પોડકાસ્ટમાં નમ્ર પ્રયાસ કર્યો છે.

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I feel I'm alive..!

When you call on me, when i hear you breathe, I get wings to fly. I feel I'm alive. lofilulla. जब तुम मुझे पुकारते हो, जब मैं तुम्हारी ...

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